कांगड़ा जिले के फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र में शाहनहर बैराज (52 गेट) के समीप अवैध क्रशर की गतिविधियों का खुलासा हाल ही में हुआ है। यह क्रशर पंजाब सीमा के निकट लंबे समय से संचालित हो रहा था, जिससे स्थानीय पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा था। यह मामला उस समय उजागर हुआ जब पुलिस और प्रशासन ने गहन छापेमारी की और पाया कि 500 केवीए के जैनसेट से संचालित यह क्रशर बिना किसी वैध लाइसेंस के काम कर रहा था।
स्थानीय निवासियों ने लंबे समय से इस अवैध क्रशर के खिलाफ आवाज उठाई थी। उनकी शिकायत थी कि यह क्रशर न केवल ध्वनि प्रदूषण का कारण बन रहा था, बल्कि इससे निकलने वाली धूल और ग्रेवल ने आसपास के क्षेत्र के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाला था। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि ये अवैध गतिविधियाँ न केवल कानून का उल्लंघन करती हैं, बल्कि पर्यावरण के लिए भी बेहद हानिकारक हैं।
इस कार्रवाई के बाद, स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है और इसके साथ ही प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और क्रशिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इसके अलावा, प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि फिर से कोई ऐसी गतिविधि पाई गई, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में कार्रवाई करने वाले अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले भी कई बार अवैध खनन की शिकायतें मिली थीं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया था। इस बार की कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहा है और अवैध गतिविधियों को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।