कुल्लू जिले में स्थित सारी कोठी की अधिष्ठात्री देवी माता भेखली का नया देव रथ 50 वर्षों के बाद तैयार किया जाएगा। यह एक ऐतिहासिक और धार्मिक घटना है, जो न केवल स्थानीय भक्तों के लिए बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश के लोगों के लिए गर्व का विषय है। शनिवार को सैंकड़ों श्रद्धालु इस पावन कार्य के लिए लकड़ी लाने के लिए प्राचीन परंपरा का पालन करने के लिए रवाना हुए।
भक्तों ने देव धुनों और जयकारों के साथ इस यात्रा की शुरुआत की, जो उनकी आस्था और भक्ति को दर्शाता है। इस रथ का निर्माण देवी माता के प्रति श्रद्धा और प्रेम का प्रतीक है। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस नए रथ के निर्माण से माता की कृपा और आशीर्वाद उनके जीवन में और अधिक बढ़ेगा।
कुल्लू की पहाड़ियों में इस पावन कार्य का महत्व अत्यधिक है। यहाँ की संस्कृति और परंपराएं सदियों से चली आ रही हैं, और इस प्रकार के धार्मिक आयोजन लोगों को एकजुट करते हैं। भक्तों ने पहले से ही रथ के निर्माण के लिए आवश्यक लकड़ी की पहचान कर ली है और इसे लाने के लिए उत्सुकता से आगे बढ़ रहे हैं।
इस अवसर पर स्थानीय लोगों ने भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित की है, ताकि यह कार्य सफलतापूर्वक पूरा हो सके। माता भेखली का नया रथ न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह कुल्लू की संस्कृति और परंपराओं को भी जीवित रखेगा। इस पावन यात्रा के साथ-साथ भक्तों की भक्ति और श्रद्धा का स्तर भी ऊँचा जाएगा।
स्थानीय प्रशासन ने भी इस कार्यक्रम में सहयोग देने का आश्वासन दिया है। सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया गया है कि वे इस कार्य में अपना योगदान दें और देवी माता की कृपा प्राप्त करें।