स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर फरीदकोट में राज्य स्तरीय समारोह के दौरान लहराया राष्ट्रीय ध्व

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पंजाबियों से आह्वान किया कि वे पंजाब को देश का अग्रणी राज्य बनाकर इसकी प्राचीन शान को बहाल करने का संकल्प लें, ताकि एक समृद्ध और गतिशील रंगीला पंजाब बनाया जा सके।

यहां जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह के दौरान तिरंगा फहराने के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी देशवासियों, विशेष रूप से पंजाबियों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने फरीदकोट की पवित्र धरती पर महान सूफी संत बाबा फरीद जी को श्रद्धा और सम्मान भी अर्पित किया। भगवंत सिंह मान ने कहा कि बाबा फरीद जी को पंजाबी साहित्य का पहला महान कवि माना जाता है, क्योंकि उन्होंने आम लोगों की भाषा में अपनी बात कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में पंजाबियों की अनूठी और बेमिसाल भूमिका जगजाहिर है। उन्होंने कहा कि यह भी एक रिकॉर्ड है कि 80 प्रतिशत से अधिक महान देशभक्त, जिन्होंने अपनी जानें कुर्बान कीं या ब्रिटिश साम्राज्य के अत्याचारों का किसी न किसी रूप में शिकार हुए, पंजाबी थे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि सदियों पुराने ब्रिटिश साम्राज्यवाद को जड़ से उखाड़ने के लिए चले स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित अधिकांश आंदोलनों का नेतृत्व बहादुर पंजाबियों ने किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महान शहीदों और मातृभूमि के सच्चे सपूतों जैसे शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु, शहीद सुखदेव, लाला लाजपत राय, शहीद ऊधम सिंह, शहीद करतार सिंह सराभा, दीवान सिंह कालेपानी, बाबा राम सिंह, सोहन सिंह भकना और कई अन्य अनसुने नायकों ने स्वतंत्रता के अंतिम लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अपने खून का एक-एक कतरा बहा दिया। उन्होंने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम की विभिन्न लहरों जैसे कूका, गदर, बब्बर अकाली, किसान, कामा गाटा मारू त्रासदी, जलियांवाला बाग नरसंहार, गुरुद्वारा मुक्ति आंदोलन, जैतो मोर्चा और परजा मंडल आंदोलन में महान योद्धाओं द्वारा दी गई कुर्बानियों से हमारी युवा पीढ़ियों में देशभक्ति और राष्ट्रवाद की भावना पैदा होगी। भगवंत सिंह मान ने दुख व्यक्त किया कि जब देश का बाकी हिस्सा स्वतंत्रता का उत्सव मना रहा था, तब भी पंजाब एक हिंसक विभाजन के भयानक दौर से गुजर रहा था, जिसमें लाखों पंजाबियों ने अपनी जानें गंवाईं, बेघर हुए और कई अन्य अपनी जमीनें और संपत्तियां खो बैठे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद भी, जब कभी भारत को आंतरिक या बाहरी हमले का सामना करना पड़ा, पंजाबियों ने देश का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा कि यह एक सर्वमान्य सत्य है कि राज्य के मेहनती किसानों ने देश को अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भगवंत सिंह मान ने भारत की कठिन संघर्ष से प्राप्त स्वतंत्रता की रक्षा और संरक्षण करने तथा समग्र विकास, शांति और समृद्धि के युग की शुरुआत करने में पंजाबियों के शानदार योगदान की भी सराहना की।

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