हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, जो हाल ही में विदेश दौरे से लौटे हैं, ने राज्य में मोबाइल फोरेंसिक वाहनों का शुभारंभ किया है। इस कार्यक्रम का आयोजन स्थानीय प्रशासन द्वारा किया गया और इसमें कई वरिष्ठ अधिकारियों एवं मीडिया के सदस्य भी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि मोबाइल फोरेंसिक वाहन पुलिस और जांच एजेंसियों को अपराधों की त्वरित और प्रभावी जांच में मदद करेंगे। उन्होंने बताया कि ये वाहन अत्याधुनिक तकनीक से लैस हैं, जो घटनास्थल पर ही फोरेंसिक सबूतों को इकट्ठा करने में मदद करेंगे। इससे न केवल जांच की गति बढ़ेगी, बल्कि अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सकेगा।
सुक्खू ने आगे बताया कि इन वाहनों में DNA टेस्टिंग, फिंगरप्रिंटिंग और अन्य फोरेंसिक उपकरण शामिल हैं, जो कि पुलिस की कार्यक्षमता को और बढ़ाएंगे। यह कदम राज्य में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि हर नागरिक को सुरक्षित वातावरण मिले और इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। फोरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में यह अद्वितीय पहल हिमाचल प्रदेश को अन्य राज्यों के मुकाबले एक कदम आगे ले जाएगी।
इस कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने भी मुख्यमंत्री के इस कदम की सराहना की और कहा कि यह आधुनिक तकनीक का उपयोग करके अपराधों की जांच में एक नया आयाम जोड़ेगा। मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि वे इस पहल का समर्थन करें और राज्य को सुरक्षित बनाने में सहयोग करें।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने सभी उपस्थित लोगों को धन्यवाद दिया और आशा व्यक्त की कि इस प्रकार की पहल से प्रदेश में अपराध की दर में कमी आएगी।