शिमला: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री की दिल्ली से शिमला वापसी के बाद राज्य में नए मुख्य सचिव की नियुक्ति को लेकर लॉबिंग तेज हो गई है। मौजूदा मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना का कार्यकाल इस माह समाप्त होने वाला है। पिछले छह महीने से उन्हें सेवा विस्तार दिया गया था, लेकिन अब यह तय नहीं है कि उन्हें एक बार फिर से सेवा विस्तार मिलेगा या नहीं। यदि उन्हें फिर से सेवा विस्तार नहीं मिलता है, तो राज्य में किसी नए अधिकारी को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
सूत्रों के अनुसार, वर्ष 1993 बैच के आईएएस अधिकारियों में से एक को मुख्य सचिव के पद पर नियुक्त किया जा सकता है। इस प्रक्रिया में कई वरिष्ठ अधिकारियों और नेताओं की राय भी ली जा रही है। राजनीतिक हलकों में इस विषय पर चर्चाएँ जारी हैं और विभिन्न दावेदार अपने-अपने पक्ष को मजबूत करने में लगे हुए हैं।
मुख्य सचिव का पद हिमाचल प्रदेश सरकार में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, और यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि इस पद पर योग्य और सक्षम व्यक्ति की नियुक्ति हो। मुख्यमंत्री की वापसी के बाद, इस नियुक्ति को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
राज्य के विकास और प्रशासन में नए मुख्य सचिव की भूमिका महत्वपूर्ण होगी, खासकर ऐसे समय में जब राज्य कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि मुख्यमंत्री किस दिशा में कदम उठाते हैं और कौन सा अधिकारी इस महत्वपूर्ण पद पर आसीन होता है।
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