ऊना, 27 सितंबर 2025: हिमाचल प्रदेश के ऊना में पेंशनर्स ने सरकार के खिलाफ 17 अक्तूबर को सड़कों पर उतरने का निर्णय लिया है। यह विरोध प्रदर्शन नौ सालों से लंबित वित्तीय लाभों के लिए होगा, जिसके कारण पेंशनर्स में गहरा रोष देखने को मिल रहा है।
पेंशनर्स का कहना है कि सरकार ने उनकी समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दिया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है। पिछले कई वर्षों से वे अपने वित्तीय लाभों की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ढुलमुल नीतियों के कारण उनकी उम्मीदें टूटती जा रही हैं। उनके अनुसार, सरकार की अनदेखी ने उन्हें मजबूर कर दिया है कि वे अब सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज उठाएं।
पेंशनर्स संघ के सदस्यों का कहना है कि 17 अक्तूबर को होने वाला यह प्रदर्शन केवल ऊना तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे पूरे राज्य में फैलाया जाएगा। वे चाहते हैं कि सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करे और उन्हें उनके हक के वित्तीय लाभ प्रदान करे।
इस प्रदर्शन में पेंशनर्स के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्य भी शामिल होंगे। संघ ने सभी पेंशनर्स से अपील की है कि वे इस आंदोलन का समर्थन करें ताकि उनकी आवाज को मजबूती मिले। पेंशनर्स का मानना है कि अगर उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया तो वे आगे और भी बड़े आंदोलनों की रूपरेखा तैयार कर सकते हैं।
इस बीच, राज्य सरकार ने पेंशनर्स की मांगों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, जिससे विरोध का माहौल और भी बढ़ गया है। पेंशनर्स अब एकजुट होकर अपने हक के लिए लड़ने के लिए तैयार हैं और उनका मानना है कि उनके संघर्ष से ही स्थिति में सुधार होगा।