हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में आयोजित होने वाला अंतर्राष्ट्रीय दशहरा उत्सव इस वर्ष भी अपनी भव्यता और सुरक्षा व्यवस्था के लिए जाना जाएगा। इस बार, कुल्लू दशहरा उत्सव में सुरक्षा की जिम्मेदारी 1250 से अधिक जवानों पर होगी। यह सुनिश्चित करने के लिए कि सभी आगंतुक सुरक्षित रहें, आयोजन स्थल पर 136 सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन कैमरे लगाए जाएंगे, जो हर गतिविधि पर नज़र रखेंगे।
कुल्लू दशहरा का यह उत्सव हर साल हजारों की संख्या में पर्यटकों और श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। सुरक्षा के मद्देनज़र, इस बार आयोजन स्थल को 14 सेक्टरों में विभाजित किया गया है, जहाँ चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। स्थानीय प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।
उत्सव के दौरान, दशहरा मैदान में ड्रोन उड़ाने पर पूर्णत: प्रतिबंध रहेगा। यह निर्णय सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए लिया गया है। कुल्लू के उपायुक्त अभिषेक त्रिवेदी ने कहा कि “हम सभी आगंतुकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं और किसी भी प्रकार की सुरक्षा चूक को रोकने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।”
अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को भी प्रदर्शित करता है। ऐसे में इस वर्ष की सुरक्षा व्यवस्था सभी की अपेक्षाओं पर खरी उतरने की उम्मीद है।