प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में ओडिशा के झारसुगुड़ा में एक कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने जब सीमेंट पर जीएसटी को कम किया, तब राज्य सरकार ने अपने नए टैक्स लगाकर जनता को इस लाभ से वंचित रखा है। मोदी ने इस संदर्भ में कहा कि यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार अपने लोगों के हितों की रक्षा करने में असफल रही है।
मोदी ने आगे कहा कि जब केंद्र सरकार ने जीएसटी की दर को कम किया, तो इसका सीधा फायदा आम जनता को मिलना चाहिए था, लेकिन हिमाचल प्रदेश सरकार ने इस कटौती का फायदा उठाने के बजाय अपने कर लगाने का फैसला किया। उन्होंने राज्य की सरकार को चेतावनी दी कि उन्हें जनता के हित में कार्य करना चाहिए, अन्यथा जनता के पास विकल्प मौजूद हैं।
इस दौरान, मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार हमेशा से राज्यों की सहायता के लिए तत्पर रही है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में विकास कार्यों के लिए केंद्र से मिली सहायता का भी जिक्र किया। मोदी ने यह भी कहा कि विकास के लिए सही नीतियों का होना आवश्यक है। उन्होंने हिमाचल की जनता से अपील की कि वे अपनी आवाज उठाएं और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करें।
यह बयान हिमाचल प्रदेश में आगामी चुनावों की पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी का यह बयान न केवल राज्य सरकार के खिलाफ एक सीधी आलोचना है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि केंद्र सरकार राज्य सरकार की नीतियों पर नजर रख रही है।