ज्वालामुखी शक्तिपीठ में इस नवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। नवरात्रों के पहले छह दिन में ही मंदिर में 70 लाख रुपये का चढ़ावा चढ़ाया गया है, जो इस धार्मिक स्थल की महत्ता को दर्शाता है। भक्तजन माता ज्वालामुखी की आराधना के लिए दूर-दूर से आए हैं और उन्होंने माता के दरबार में दंडवत करते हुए अपनी श्रद्धा अर्पित की।
इस वर्ष, विशेष रूप से सुरक्षा, लंगर और चिकित्सा व्यवस्था की विशेष देखभाल की गई है। मंदिर परिसर में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है ताकि श्रद्धालुओं को कोई कठिनाई न हो। लंगर में भक्तों को न केवल प्रसाद वितरण किया जा रहा है, बल्कि उन्हें भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा, चिकित्सा व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं की सहायता की जा सके।
मंदिर में सातवें नवरात्र पर मां कालरात्रि की पूजा अर्चना की गई। भक्तों ने विशेष रूप से इस दिन अपने घरों से माता की आराधना के लिए आए हैं। ज्वालामुखी शक्तिपीठ का यह पर्व हर वर्ष भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर होता है, जहाँ वे माता के चरणों में अपनी मनोकामनाएं रखते हैं।
इस नवरात्रि में श्रद्धालुओं की इतनी बड़ी संख्या देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि माता ज्वालामुखी के प्रति लोगों की आस्था और श्रद्धा निरंतर बढ़ती जा रही है। यह पर्व केवल धार्मिक महत्व ही नहीं रखता, बल्कि यह स्थानीय संस्कृति और परंपराओं का भी प्रतीक है।